
कटनी (मध्य प्रदेश)। जिले के विलायत कलां और अमाही उपार्जन केंद्रों से खरीदे गए गेहूं के भंडारण को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मारुती वेयरहाउस के संचालक कमल साहू पर आरोप है कि उन्होंने शासन द्वारा निर्धारित मैपिंग के बावजूद गेहूं का भंडारण करने से साफ मना कर दिया और संबंधित समिति कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज व अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त विवरण के अनुसार, सत्र 2024-25 के लिए विलायत कलां, अमाही और कांटी उपार्जन केंद्रों के किसानों का गेहूं भंडारण के लिए ‘मारुती वेयरहाउस’ को मैप किया गया था। पत्र में उल्लेख है कि वेयरहाउस संचालक कमल साहू ने खरीद प्रभारी लखन पटेल और समिति प्रबंधक मनोज द्विवेदी को फोन पर धमकी देते हुए कहा कि वह अपने वेयरहाउस में भंडारण नहीं होने देंगे।
ट्रक खड़े रहे, नहीं हुई अनलोडिंग
समिति प्रबंधकों का कहना है कि विलायत कलां से गेहूं भरकर 6 ट्रक मारुती वेयरहाउस पहुँच चुके हैं, लेकिन संचालक द्वारा गाड़ियों की अनलोडिंग नहीं कराई जा रही है। इससे परिवहन व्यवस्था ठप्प हो रही है और खुले में रखे अनाज के खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग
परेशान होकर समिति प्रबंधकों ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है। आवेदन में मांग की गई है कि:
मारुती वेयरहाउस से इन केंद्रों की मैपिंग तुरंत हटाई जाए।
किसी अन्य गोदाम में भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अभद्र व्यवहार करने वाले संचालक के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस पत्र की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक (SP) कटनी, जिला आपूर्ति अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों को भी उचित कार्रवाई हेतु भेजी गई है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पर क्या कड़ा रुखΥ अपनाता है।



